सर्व-अरिष्ट नाशक अष्टक मंत्र
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे कपि श्रेष्ठ! इस संसार में ऐसा कौन है जो यह नहीं जानता कि आपका नाम ही 'संकटमोचन' (संकटों से मुक्त करने वाला) है।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानसिक शांति, पारिवारिक क्लेश का निवारण और जीवन की दुर्गम बाधाओं से बाहर निकलने का मार्ग
विस्तृत लाभ
मानसिक शांति, पारिवारिक क्लेश का निवारण और जीवन की दुर्गम बाधाओं से बाहर निकलने का मार्ग 41।
जप काल
मंगलवार और शनिवार को अष्टक पाठ के अंत में या संकट के समय निरंतर जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ शिवायै नमः
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः॥
ॐ लीलामानुषविग्रहाय नमः
जलेषु मां रक्षतु मत्स्यमूर्तिर् यादोगणेभ्यो वरुणस्य पाशात्
ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः