शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ कृष्णाव्यसनकर्शकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपद्रौपदी-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
द्रौपदी (कृष्णा) के दुःखों (व्यसन) को दूर करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकट में त्वरित रक्षा
विस्तृत लाभ
संकट में त्वरित रक्षा
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र