ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

ॐ कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा

ॐ कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारपञ्चपदी मन्त्र (5-word Mantra with Om) / मोक्षदायक उपनिषदिक मन्त्र
स्वरूपगोविन्द / गोपीजनवल्लभ
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

ॐ, मैं कृष्ण, गोविन्द और गोपीजनवल्लभ के प्रति स्वयं को पूर्णतः समर्पित (स्वाहा) करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

गोपाल-तापनी उपनिषद के अनुसार, जो मुमुक्षु (मोक्ष की इच्छा रखने वाला) इस पञ्चपदी मन्त्र का नियमित जप करता है, भगवान उसे अपने पारलौकिक शान्ति-स्वरूप का दर्शन कराते हैं

विस्तृत लाभ

गोपाल-तापनी उपनिषद के अनुसार, जो मुमुक्षु (मोक्ष की इच्छा रखने वाला) इस पञ्चपदी मन्त्र का नियमित जप करता है, भगवान उसे अपने पारलौकिक शान्ति-स्वरूप का दर्शन कराते हैं 1।

जप काल

एकांत में, पवित्रता के साथ वैदिक सन्ध्या या तान्त्रिक न्यास के पश्चात्।

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