श्रीकृष्ण मंत्र
लक्ष्मीर्हरिप्रिया पद्मा एतन्नामत्रयं स्मरन्। सर्वान्कामानवाप्नोति सत्यं सत्यं हि पद्मज॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
लक्ष्मी, हरिप्रिया और पद्मा—इन तीन नामों का स्मरण करने वाला समस्त कामनाओं को प्राप्त करता है।
इस मंत्र से क्या होगा?
समस्त कामनाओं की अचूक पूर्ति
ब्रह्माजी स्वयं इसकी सत्यता प्रमाणित करते हैं
विस्तृत लाभ
समस्त कामनाओं की अचूक पूर्ति। ब्रह्माजी स्वयं इसकी सत्यता प्रमाणित करते हैं 13।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः।
ॐ विश्वयोनये नमः
ॐ श्रीधराय नमः