शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ लोहिताक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
लाल नेत्रों वाले (क्रोधित संहारक रूप)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर शत्रुओं में भय की उत्पत्ति
विस्तृत लाभ
घोर शत्रुओं में भय की उत्पत्ति 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ नमो असितांग भैरवाय स्वाहा।
ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः
ॐ शिखण्डिकृतकेतनाय नमः
ॐ दुर्गार्तिशमन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये प्रणवार्धमात्रा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः