शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ लोकत्रयेशाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारराजसिक संपदा मंत्र
स्वरूपस्वर्णाकर्षण भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तीनों लोकों के महान अधिपति हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
जप काल
शुक्रवार को यंत्र पर कुमकुम अर्पण
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
ॐ कर्पूरामृतपायिन्यै नमः
ॐ वायुवन्दिताय नमः
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
ॐ भ्रूयुगं शशिशोभना पातु।