शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
मूलाधार निवास मंत्र
ॐ मूलाधारनिवासिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकुण्डलिनी जागरण मंत्र
स्वरूपयोग गणपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो मूलाधार चक्र में निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
योग साधना में मूलाधार चक्र का जागरण और स्थिरीकरण
विस्तृत लाभ
योग साधना में मूलाधार चक्र का जागरण और स्थिरीकरण।
जप काल
ध्यान अवस्था में मूलाधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए।
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जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥