शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ पद्मायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल के समान कोमल और सुंदर देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नारसिंहाय नमः
श्रीहरिः पातु ते वक्त्रं मस्तकं मधुसूदनः । श्रीकृष्णश्चक्षुषी पातु नासिकां राधिकापतिः ॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥
ॐ कपालपात्रनिरतायै नमः
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8