शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपार्वतीनंदन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता पार्वती के प्रिय पुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि
विस्तृत लाभ
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्राज्ञाय नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ शार्ङ्गिण्यै नमः
ॐ सीतारामपादुकासेवायै नमः
ॐ सावित्र्यै नमः