श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं ऐश्वर्य और वीर्य से युक्त प्रद्युम्न को नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास
विस्तृत लाभ
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास 39।
जप काल
इच्छा शक्ति की प्रबलता हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अखिलाद्याय नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ अभीरवे नमः।
ॐ गोपगोपीश्वराय नमः
ॐ शूराय नमः