शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
प्राणश्च मेऽपानश्च मे व्यानश्च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
मेरे प्राण, अपान, व्यान वायु संतुलित रहें
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गं नमः (अथवा केवल 'गं')
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं सर्व विघ्न निवारणाय महा क्रोध भैरवाय नमः।
मार्गणाशोषिताभ्ध्यंशं पावनं चिरजीवनम्। य एतानि जपेन्द्रामनामानि स कृती भवेत्॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
पावका नः सरस्वती वाजेभिर्वाजिनीवती। यज्ञं वष्टु धियावसुः॥
ॐ कबन्धासनधारिण्यै नमः