शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ सत्यव्रताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसत्य प्रतिज्ञ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपनी प्रतिज्ञाओं (व्रत) पर सदैव अडिग रहते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकल्प सिद्धि
विस्तृत लाभ
संकल्प सिद्धि
जप काल
व्रत के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ललितायै नमः
ॐ जगद्व्यापिने नमः
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥
ॐ कङ्कालिने नमः।