बीज-युक्त श्री राम अष्टाक्षरी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं रां रामाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
ऐश्वर्य, शक्ति और ज्ञान के बीज स्वरूप श्रीराम को मैं नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
'श्रीं' से भौतिक समृद्धि, 'ह्रीं' से आध्यात्मिक ऊर्जा और 'रां' से तेज की प्राप्ति होती है
यह अज्ञान और दरिद्रता दोनों का नाश करता है
विस्तृत लाभ
'श्रीं' से भौतिक समृद्धि, 'ह्रीं' से आध्यात्मिक ऊर्जा और 'रां' से तेज की प्राप्ति होती है। यह अज्ञान और दरिद्रता दोनों का नाश करता है 7।
जप काल
गुरु-दीक्षा उपरांत, विशेष अनुष्ठान में रुद्राक्ष या तुलसी माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे। मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्॥
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु। भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु॥
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नारसिंहः प्रचोदयात्॥