शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ स्मितभाषिणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपमंद हास्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सदैव चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लिए हुए मधुर भाषण करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मधुर वाणी
विस्तृत लाभ
मधुर वाणी
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदाय नमः
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः
अहं सोममाहनसं बिभर्म्यहं त्वष्टारमुत पूषणं भगम्। अहं दधामि द्रविणं हविष्मते सुप्राव्ये यजमानाय सुन्वते॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्ववेदशाखासांख्यपुराणात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥