श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ स्तम्भजाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो जड़ खंभे को चीरकर प्रकट हुए, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना
भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता
विस्तृत लाभ
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना; भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रमायै नमः
ॐ वृषाकपये नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं सर्व मङ्गलाय पिङ्गलाय ॐ नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ कृष्णायै नमः