शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ स्थितिकर्त्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संसार की स्थिति (पालन) करने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नौकरी या व्यापार में सुदृढ़ स्थायित्व
विस्तृत लाभ
नौकरी या व्यापार में सुदृढ़ स्थायित्व 23
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पक्वचूत फलकल्प मञ्जरीमिक्षुदण्ड तिलमोदकैः सह । उद्वहन् परशु हस्त ते नमः श्रीसमृद्धिपतये देव पिङ्गल ॥
न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥
ॐ शूलपाणये नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये ब्रह्मानन्दामृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ युधिष्ठिरप्रतिष्ठात्रे नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।