शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ विरूपाक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपत्रिनेत्रधारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके पास अद्भुत/विचित्र (तीसरा) नेत्र है 61।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अतीन्द्रिय दृष्टि का विकास
विस्तृत लाभ
अतीन्द्रिय दृष्टि का विकास
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीमते नमः
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
ॐ करवालप्रहृष्टात्मायै नमः
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
घ्राणं पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु सरस्वती। भुजौ तु पातु वरदा हृदय पातु सुन्दरी॥
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय