शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ विश्वकर्मणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविश्व निर्माता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस विश्व के समस्त कर्मों को रूप देने वाले सृष्टिकर्ता हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कौशल
विस्तृत लाभ
कौशल
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवतः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ शरवणभवाय नमः
ॐ शौरये नमः
ॐ धातुरुत्तमाय नमः