शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ विश्वेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपविश्वनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण विश्व के ईश्वर हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विश्व्यापी ख्याति
विस्तृत लाभ
विश्व्यापी ख्याति
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कमलासनसन्तुष्टायै नमः
तद्विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः। दिवीव चक्षुराततम्॥
ॐ लीलामानुषविग्रहाय नमः
ॐ गान्धर्वायै नमः
ॐ महोरस्काय नमः
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8