शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ वंशविवर्धनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवंश-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
उपासक के कुल और वंश की वृद्धि करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बांझपन निवारण एवं सुयोग्य संतति का जन्म
विस्तृत लाभ
बांझपन निवारण एवं सुयोग्य संतति का जन्म।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ नमः कमलवासिन्यै स्वाहा॥
ॐ सर्ववासाय नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः
ॐ स्थविरो-ध्रुवाय नमः