ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीकृष्ण मंत्र

ॐ व्रतधराय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपमर्यादा-पालक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो धर्म-मर्यादा के सभी व्रतों का अत्यंत दृढ़ता से पालन करते हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है

02

दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है

03

और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है

विस्तृत लाभ

इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है; दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है; और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।

जप काल

नित्य प्रातः या गोधूलि वेला में, तुलसी या रुद्राक्ष की माला से अनुष्ठानिक पाठ।

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