शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ व्यालघ्न्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपव्यालघ्नी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्प नाशिनी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुष्ट जनों और कुतर्कों से रक्षा
विस्तृत लाभ
दुष्ट जनों और कुतर्कों से रक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो वज्रनखाय च
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ सनातनाय नमः
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥