शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अन्तश्चेतनात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपअन्तश्चेतना की आत्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो आंतरिक चेतना की मूल आत्मा हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायै नमः
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ गुडाकेशाय नमः
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ वरदहस्ताय नमः
अश्मा च मे मृत्तिका च मे गिरयश्च मे पर्वताश्च मे...