कल्याणकारी भवानी मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं भगवति भवानि देवि स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
ज्ञान, माया और काम बीज से युक्त हे भगवती भवानी! मैं आपके निमित्त यह आहुति (स्वाहा) समर्पित करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
पंचतत्वों पर नियंत्रण, सर्व-सुख की प्राप्ति और आध्यात्मिक जागरण
विस्तृत लाभ
पंचतत्वों पर नियंत्रण, सर्व-सुख की प्राप्ति और आध्यात्मिक जागरण 12।
जप काल
संध्या काल में लाल आसन पर बैठकर जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे। राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे॥
ॐ पद्मनाभाय नमः
ॐ मधुघ्ने नमः
ॐ चतुर्भुजायै नमः
प्रणवः पातु मे कण्ठं स्कन्धौ मे पञ्चवक्त्रकः