सिद्ध कुंजिका तांत्रिक महामंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
दुर्गा सप्तशती के सम्पूर्ण पाठ का फल मात्र इसके जप से प्राप्त होता है
मारण, मोहन, वशीकरण और उच्चाटन आदि तांत्रिक सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं
विस्तृत लाभ
दुर्गा सप्तशती के सम्पूर्ण पाठ का फल मात्र इसके जप से प्राप्त होता है। मारण, मोहन, वशीकरण और उच्चाटन आदि तांत्रिक सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं 22।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम पूर्ण तंत्र सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय।
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा।
ॐ कमलासनवासिन्यै नमः
ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ कमलाकुञ्जवासिन्यै नमः
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥