शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ अक्षराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कभी क्षरण या नाश नहीं होता, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता
विस्तृत लाभ
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता।
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ॐ कर्पूरसागरस्नातायै नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ अकलङ्किण्यै नमः
ॐ डम्भाय नमः
ॐ शम्भवे नमः