शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ अनेकात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपसर्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो एक होते हुए भी अनेक रूपों में हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वत्र समभाव
विस्तृत लाभ
सर्वत्र समभाव
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् वम् राम् वा ह्रौम् ह्रीम् राम् स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् क्षीम् क्षौम् धुम् हम् ह्लौम् ह्रीम् राम्॥
ह्रीं हरिहरपुत्राय पुत्र लाभाय शत्रुनाशाय मदगजवाहनाय महाशास्तये नमः।
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः
ॐ शम्भूदेशकाय नमः
ॐ नवदुर्गायै नमः
नित्यलीलाप्रवेशं च ददाति श्रीव्रजाधिपः। अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवानां न विद्यते॥