शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ अपराधप्रणाशिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जाने-अनजाने हुए सभी अपराधों को क्षमा करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पापों और कर्म-दोषों का नाश
विस्तृत लाभ
पापों और कर्म-दोषों का नाश।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ पीतवस्त्राय नमः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ दीनबन्धवे नमः
ॐ कस्तूरीभोजनप्रीतायै नमः
ॐ शिखिवाहनाय नमः