शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ भीमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपभीम (विशाल रूप)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका रूप अत्यंत विशाल और भयंकर है 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साहस और बल वृद्धि
विस्तृत लाभ
साहस और बल वृद्धि
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
ॐ अष्टमूर्तये नमः।
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ।
ॐ धीरोदात्तगुणोत्तराय नमः
ॐ दुर्गमापहायै नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।