शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ चण्डकोपिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकराल नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कोप अत्यंत चंड (प्रचंड) है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समाज में फैले दुराचारियों और पापियों के दमन हेतु ईश्वरीय हस्तक्षेप
विस्तृत लाभ
समाज में फैले दुराचारियों और पापियों के दमन हेतु ईश्वरीय हस्तक्षेप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ गङ्गासुताय नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
ॐ आत्मविद्यायै नमः
ॐ विष्णवे नमः
ॐ लक्ष्म्यै नमः