शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ चोरघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चोरों (तथा मन के काम-क्रोधादि विकारों) का नाश करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संपत्ति की रक्षा व दुर्गुणों का नाश
विस्तृत लाभ
संपत्ति की रक्षा व दुर्गुणों का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ मुमुक्षवे नमः
ॐ कपालार्घ्यवरोद्यतायै नमः
ॐ नागयज्ञोपवीतवते नमः।
ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18