शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
चण्ड रुद्र मंत्र
ॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतेज वृद्धि एवं रक्षण मंत्र
स्वरूपचण्ड रुद्र (अति-उग्र स्वरूप)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम तेजस्वी चण्डीश्वर रुद्र को मेरा नमस्कार है, शत्रुओं का नाश (फट्) हो।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भयंकर शत्रुओं से रक्षा, व्यक्तित्व में ओज (Tejas) और तेजस्विता की वृद्धि
विस्तृत लाभ
भयंकर शत्रुओं से रक्षा, व्यक्तित्व में ओज (Tejas) और तेजस्विता की वृद्धि 25।
जप काल
घोर संकट या युद्ध/प्रतिस्पर्धा के समय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वाचे नमः
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
ॐ नित्यायुक्ताय नमः
ॐ महासारस्वतावृताय नमः
योगारूढो योगपट्टाभिरामः बालार्कभाश्च नीलांगशुकः । पाशेक्ष्वाक्षान् योगदण्डं दधानः पायान्नित्यं योगविघ्नेश्वरः नः ॥
ॐ भगवते नमः