शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ दक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकार्यकुशल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने निर्धारित कार्यों (अवतार-प्रयोजन) को सिद्ध करने में चतुर हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कार्य कौशल
विस्तृत लाभ
कार्य कौशल
जप काल
कार्य आरंभ
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शङ्खोपमषड्गल्सुप्रभाय नमः
ॐ नमो नारसिंहाय
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥
ॐ परात्पराय नमः
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥