शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ दुर्गमासुरसंहन्त्र्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने 'दुर्गम' नामक महा-असुर का संहार किया (शाकम्भरी अवतार में)।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सानुजोऽव्याद् भरताग्रजो माम्
ॐ रुद्ररूपाय नमः।
या श्रद्धा धारणा मेधा वाग्देवी विधिवल्लभा। भक्तजिह्वाग्रसदना शमादिगुणदायिनी॥
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः