शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ दुर्गमात्मस्वरूपिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका वास्तविक आत्म-स्वरूप अत्यंत दुर्गम (गूढ़) है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शतकोटिरविप्रभाय नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो अघोरघोरेतरेभ्यः। सर्वतः शर्वः सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्र रूपेभ्यः॥
ॐ चञ्चलद्वालसन्नद्धलम्बमानशिखोज्ज्वलाय नमः
ॐ नदीवासाय नमः
ॐ काञ्चनाद्रीकृतागारायै नमः