शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ गङ्गागीतागतिर्दात्र्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो गंगा और गीता को भी गति देने वाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान (गीता) और पवित्रता (गंगा) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ज्ञान (गीता) और पवित्रता (गंगा) की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
ऋतं च मेऽमृतं च मेऽयक्ष्मं च मेऽनामयच्च मे...
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥