शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ घनश्यामाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपघनश्याम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शारीरिक वर्ण वर्षा ऋतु के मेघों के समान सुंदर साँवला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शांति
विस्तृत लाभ
शांति
जप काल
ध्यान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीकृष्णाङ्गप्रियङ्कर्यै नमः
ॐ अक्षयफलप्रदाय नमः
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः॥
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।