ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्रीराम मंत्र

ॐ हरये नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपरक्षक रूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो भक्तों के दुखों को हर लेते हैं, उन श्री हरि को नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण

विस्तृत लाभ

जीवन के समस्त प्रकार के शोकों, अवसाद और पीड़ाओं का निवारण।

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।

ॐ लोकसुन्दर्यै नमः

अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥

ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8

कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥

ॐ गरुडध्वजाय नमः