शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ हरिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हरिणी के समान चंचल और सुंदर देवी को नमन।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ कुलजायै नमः
ॐ करञ्ज नरसिंहाय नमः
ॐ लीलामानुषविग्रहाय नमः
ॐ पूतात्मने नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विद्या तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः