शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ हिरण्यकशिपुध्वंसिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपवीर नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने महादैत्य हिरण्यकशिपु का वध किया था, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्यक्ति के भीतर बैठे महा-अहंकार और मिथ्या अभिमान का विनाश
विस्तृत लाभ
व्यक्ति के भीतर बैठे महा-अहंकार और मिथ्या अभिमान का विनाश।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाद्युतये नमः
ॐ सदानन्दायै नमः
ॐ भिन्नार्गलाय नमः
ॐ कृपाधारायै नमः
इडा देवहूर्मनुर्यज्ञनीर्बृहस्पतिरुक्थामदानि शंसिषद् विश्वेदेवाः सूक्तवाचः पृथिविमातर्मा मा हिंसीर्मधु मनिष्ये मधु जनिष्ये मधु वक्ष्यामि मधु वदिष्यामि मधुमतीं देवेभ्यो वाचमुद्यासँशुश्रूषेण्यां मनुष्येभ्यस्तं मा देवा अवन्तु शोभायै पितरोऽनुमदन्तु॥
जिन्होंने धर्म-विरोधी आतातायी क्षत्रियों पर विजय प्राप्त की, उन्हें नमस्कार। (लाभ: प्रतिस्पर्धियों पर विजय) 19।