शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भूत भैरव मंत्र
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारभय नाशक मंत्र
स्वरूपभूत भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भयंकर भयों को हरने वाले भैरव मेरी रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अज्ञात और पैरानॉर्मल (paranormal) भयों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
अज्ञात और पैरानॉर्मल (paranormal) भयों से मुक्ति 7।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाबलपराक्रमाय नमः
ॐ कदम्बवनसञ्चारायै नमः
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
द्विषड्भुजं द्वादशदिव्यनेत्रं त्रयीतनुं शूलमसिं दधानम् । शेषावतारं कमनीयरूपं ब्रह्मण्यदेवं शरणं प्रपद्ये ॥
ॐ ह्रीं श्रीं त्र्यक्षरो मन्त्रो नैर्ऋत्यां मे सदाऽवतु। (अर्थ: त्र्यक्षरी मन्त्र नैऋत्य कोण में रक्षा करे) 8
स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥