शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ जयायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जय स्वरूपा (विजया) देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वदर्शनाय नमः
ॐ नारायणाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
यदा तमस्तन्न दिवा न रात्रिर्न सन्नचासच्छिव एव केवलः