शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ कामजनकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकामदेव-जनक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कामदेव (प्रद्युम्न) के पिता को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पौरुष और आकर्षण
विस्तृत लाभ
पौरुष और आकर्षण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कर्पूरामृतपायिन्यै नमः
ॐ हरये नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
जो भक्तों के हृदय में रमण करने वाले भगवान राम (भार्गव राम) हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: आंतरिक शांति) 19।
ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमः
ॐ श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमोऽस्तुते॥