शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूरतरङ्गितैरपाङ्गैः। अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारकनकधारा शरणागति मंत्र (श्लोक 20)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे कमलनयन भगवान की प्रिय कमला! करुणा से छलकती अपनी दृष्टियों से मुझ पर कृपा करें, क्योंकि मैं दीनों में सबसे पहला और आपकी दया का वास्तविक पात्र हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
देवी की प्रत्यक्ष कृपा और अकिंचनता (अत्यधिक गरीबी) का नाश
विस्तृत लाभ
देवी की प्रत्यक्ष कृपा और अकिंचनता (अत्यधिक गरीबी) का नाश 44।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र