शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ कान्ताय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत आकर्षक और कांतिवान स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥
ॐ करुणायै नमः
ॐ वरप्रदायै नमः
ॐ कस्तूरीपूजनरतायै नमः
तस्य सर्वार्थसिद्धिः स्याद्वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत्। ऐश्वर्यं च लभेत्साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम्॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥