शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ कपीश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपवानरों के स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वानरों (सुग्रीव, अंगद आदि) के परम ईश्वर को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ योगिनीपतये नमः।
वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥
ॐ ऐं क्लीं सौः बाले ब्राह्मि ब्रह्मपत्नि ऐं वद वद वाग्वादिनि स्वाहा
ॐ द्रुमाय नमः
ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18