शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ कंजलोचनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपकमल-नेत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके नेत्र कमल के समान अत्यंत सुंदर और करुणा-युक्त हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सौन्दर्य
विस्तृत लाभ
सौन्दर्य
जप काल
ध्यान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णानन्दविवर्धिन्यै नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
ॐ परस्मै नमः
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
ॐ शिवस्वामिने नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।