शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ कृष्णानुरागिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कृष्ण से असीम अनुराग (प्रेम) रखती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वर से अनन्य प्रेम की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ईश्वर से अनन्य प्रेम की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम्॥
प्रतीच्यां उन्मत्त भैरवाय नमः प्रतीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कुमारब्रह्मचारिणे नमः
ॐ मूलाधारनिवासिने नमः
ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा॥
ॐ महासिंहाय नमः