शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ लोकवन्द्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविश्व-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी वंदना सारा विश्व और तीनों लोक करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कीर्ति
विस्तृत लाभ
कीर्ति
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः
ॐ मोहहन्त्र्यै नमः
ॐ अनेकशिरसे नमः।
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः