शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ मुचुकुन्दप्रसादकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपकृपा-निधान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राजा मुचुकुन्द पर कृपा (प्रसाद) करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अनिद्रा एवं श्रान्ति नाश
विस्तृत लाभ
अनिद्रा एवं श्रान्ति नाश
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ दुष्टभूतनिषेविताय नमः।
ॐ त्रिकालज्ञायै नमः
ॐ परविद्यापरिहाराय नमः
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः।
ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः पातु मे सर्वशस्तनुम्